आत्‍मरक्षण की प्रवृत्‍ति‍ सभी जीवों में होती है इसे वि‍ज्ञान मानता है. ऐसा होने का कारण क्‍या है ?

उपनि‍षदों का कहना है कि‍ जीवन इसलि‍ए इतना प्रि‍य है कि‍ यह आनन्‍दमय है. यदि‍ जीवन में आनन्‍द नहीं रहता तो इसे कौन चाहता.

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अधिक जानकारी के लिये पढ़ें : श्री सुशील कुमार रचित पुस्तक : गौरवशाली भारत (साहित्य सेवा सदन, निराला नगर, रायबरेली द्वारा प्रकाशित)

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