नौ प्रकार की भक्ति अर्थात् ईश्वर के विषय में श्रवण, कीर्तन, स्मरण, अर्चन, वन्दन, आत्मनिवेदन, ईश्वर के प्रति सख्य भाव, ईश्वर के प्रति दास्य भाव तथा प्रत्येक प्राणी में ईश्वर का दर्शन ही नवधा भक्ति है. Labels: ईश्वर, नवधा भक्ति, भक्ति





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