अच्छा और बुरा विशेषण हैं जो संज्ञा के स्वभाव का वर्णन करते हैं. कर्म से सम्बद्ध होकर अच्छा या बुरा सापेक्ष अर्थ रखते हैं. वर्षा पकती फसल के लिए बुरी तथा उगती फसल के लिए अच्छी होती है. जो कर्म अपने मन अथवा सम्बद्ध समाज के अनुकूल होता है उसे अच्छा तथा जो कर्म अपने मन अथवा सम्बद्ध समाज के प्रतिकूल होता है उसे बुरा कहा जाता है.





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