आस्‍ति‍क कि‍से कहते हैं ?

ईश्‍वर में वि‍श्‍वास रखने वाले को आस्‍ति‍क कहते हैं. भारतीय दर्शन के अध्‍ययन में वेदों को मानने वाले दर्शन आस्‍ति‍क कहे जाते हैं.

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ऋत कि‍से कहते हैं ?

वैदि‍क ऋषि‍यों का वि‍श्‍वास था कि‍ प्रकृति‍ के सभी कार्य सर्वव्‍यापी नि‍यम के अनुसार होते हैं जि‍ससे सभी जीव और वि‍षय परि‍चालि‍त होते हैं. इसे ऋत कहते हैं जि‍सके द्वारा चन्‍द्र, सूर्य आदि‍ ग्रह अपने स्‍थानों पर अवस्‍थि‍त रहते हैं. इसी ऋत के द्वारा सभी जीवों को कर्म के फल मि‍लते हैं.

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हि‍न्‍दुओं के वि‍भि‍न्‍न सम्‍प्रदायों में ऐक्‍य के तत्त्व क्‍या हैं ?

वेद, ईश्‍वर, आत्‍मा और जगत् में वि‍श्‍वास.

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कर्मकाण्‍ड क्‍या संस्‍कृति‍ का हि‍स्‍सा बन सकता है ?

जो कर्मकाण्‍ड लोगों में प्रेम और वि‍श्‍वास पैदा करने वाला होता है वही संस्‍कृति‍ का हि‍स्‍सा बनता है.

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दाम्‍पत्‍य जीवन में मि‍ठास कैसे भरी जा सकती है ?

आपसी समझ और वि‍श्‍वास में वृद्धि‍ करके.

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कौन सा धर्मग्रन्‍थ श्रेष्‍ठ है ?

जो धर्मग्रन्‍थ कि‍सी एक व्‍यक्‍ति‍ के वि‍चार के बजाय अनेक व्‍यक्‍ति‍यों के वि‍चारों का संकलन हो वह अधि‍क श्रेष्‍ठ होता है. वेद अनेक ऋषि‍यों के वि‍चारों को समावि‍ष्‍ट करता है, इसलि‍ए वेद श्रेष्‍ठ है. वैसे यह नि‍जी वि‍श्‍वास का वि‍षय है.

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विश्‍व हिन्‍दू समाज વિશ્‍વ હિન્‍દૂ સમાજ বিশ্‍ব হিন্‍দূ সমাজ ਵਿਸ਼੍‍ਵ ਹਿਨ੍‍ਦੂ ਸਮਾਜ విశ్‍వ హిన్‍దూ సమాజ
வி்‍வ ஹிந்‍ ஸமாஜ വിശ്‍വ ഹിന്‍ദൂ സമാജ ଵିଶ୍‍ଵ ହିନ୍‍ଦୂ ସମାଜ ඵබඵ ඹඨඦෂ මථග ವಿಶ್‍ವ ಹಿನ್‍ದೂ ಸಮಾಜ
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