वैदिक ऋषियों का विश्वास था कि प्रकृति के सभी कार्य सर्वव्यापी नियम के अनुसार होते हैं जिससे सभी जीव और विषय परिचालित होते हैं. इसे ऋत कहते हैं जिसके द्वारा चन्द्र, सूर्य आदि ग्रह अपने स्थानों पर अवस्थित रहते हैं. इसी ऋत के द्वारा सभी जीवों को कर्म के फल मिलते हैं.
जो धर्मग्रन्थ किसी एक व्यक्ति के विचार के बजाय अनेक व्यक्तियों के विचारों का संकलन हो वह अधिक श्रेष्ठ होता है. वेद अनेक ऋषियों के विचारों को समाविष्ट करता है, इसलिए वेद श्रेष्ठ है. वैसे यह निजी विश्वास का विषय है.