सामाजि‍क स्‍तरीकरण क्‍या है? वर्ण स्‍तरीकरण तथा वर्ग स्‍तरीकरण कैसे उत्‍पन्‍न हुए ?

समाज के वि‍भि‍न्‍न स्‍तरों में वि‍भाजन को सामाजि‍क स्‍तरीकरण कहते हैं. वर्ण स्‍तरीकरण झूठ के प्रचार से केवल भारत में उत्‍पन्‍न हुआ है. वर्ग स्‍तरीकरण वि‍श्‍व व्‍यापी है और उसके उत्‍पन्‍न होने के अनेक कारण हैं जैसे पूंजीपति‍ और श्रमि‍क वर्ग औद्योगीकरण की देन हैं, धन की वि‍भि‍न्‍न अवस्‍था धनी, मध्‍यम और र्नि‍धन वर्ग को जन्‍म देती है.

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लैंगि‍क असमानता को कैसे कम कि‍या जा सकता है ?

सम्‍बद्ध समाज की सोच में परि‍वर्तन लाकर.

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भारतीय समाज की सबसे बड़ी वि‍डम्‍बना क्‍या है ?

वि‍वाह में धन की बरबादी.

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क्‍या हि‍न्‍दू धर्म में अन्‍तर्जातीय वि‍वाह की मनाही नहीं है ?

हि‍न्‍दू भि‍न्‍न जाति‍ ही नहीं भि‍न्‍न धर्म की स्‍त्री से भी वि‍वाह कर सकता है. मूल समस्‍या समाज की है. अल्‍पवि‍कसि‍त समाज के परि‍वर्तन में समय लगेगा.

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कि‍सी धर्मग्रन्‍थ में लि‍खी बातों तथा राष्‍ट्र हि‍त में टकराव हो तो क्‍या करना चाहि‍ए ?

सभी धर्मग्रन्‍थ समाज के हि‍त के लि‍ए बने हैं, समाज धर्मग्रन्‍थ के हि‍त के लि‍ए नहीं बना. कि‍सी भौगोलि‍क सीमा में बँधे समाज का हि‍त ही राष्‍ट्रहि‍त कहलाता है.

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अच्‍छा और बुरा क्‍या है ?

अच्‍छा और बुरा वि‍शेषण हैं जो संज्ञा के स्‍वभाव का वर्णन करते हैं. कर्म से सम्‍बद्ध होकर अच्‍छा या बुरा सापेक्ष अर्थ रखते हैं. वर्षा पकती फसल के लि‍ए बुरी तथा उगती फसल के लि‍ए अच्‍छी होती है. जो कर्म अपने मन अथवा सम्‍बद्ध समाज के अनुकूल होता है उसे अच्‍छा तथा जो कर्म अपने मन अथवा सम्‍बद्ध समाज के प्रति‍कूल होता है उसे बुरा कहा जाता है.

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संस्‍कृति‍ क्‍या है ?

संस्‍कृति‍ सामाजि‍क जीवन का वह उत्‍तम स्‍वरूप है जि‍से समाज बचाये रखना चाहता है और जो समाज को एकजुट रखने में सहायक होता है.

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विश्‍व हिन्‍दू समाज વિશ્‍વ હિન્‍દૂ સમાજ বিশ্‍ব হিন্‍দূ সমাজ ਵਿਸ਼੍‍ਵ ਹਿਨ੍‍ਦੂ ਸਮਾਜ విశ్‍వ హిన్‍దూ సమాజ
வி்‍வ ஹிந்‍ ஸமாஜ വിശ്‍വ ഹിന്‍ദൂ സമാജ ଵିଶ୍‍ଵ ହିନ୍‍ଦୂ ସମାଜ ඵබඵ ඹඨඦෂ මථග ವಿಶ್‍ವ ಹಿನ್‍ದೂ ಸಮಾಜ
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