आत्मा न तो स्थान घेरती है और न ही उसका कोई आकार होता है. जो वस्तु स्थान नहीं घेरती और निराकार होती है वह अनन्त में निवास करती है. इस प्रकार मृत्यु के पश्चात् आत्मा या तो अनन्त में निवास करती है या किसी अन्य शरीर में प्रवेश कर जाती है.
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