कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQ on HINDUISM)
यजुर्वेद के अनुसार शिव ही गणपति या गणेश हैं. मंगल की कामना से ऐसा किया जाता है.Labels: कामना, कार्य, गणपति, गणेश, मंगल, मंत्र, मांगलिक, यजुर्वेद, शिव
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कर्म विकर्म का संयोग पाकर अकर्म में बदल जाता है अर्थात् निष्पाप मन से किया गया कार्य मनुष्य को कर्मफल भोग से नहीं बांधता.Labels: अकर्म, कर्म, कर्मफल, कार्य, निष्पाप, भोग, मन, मनुष्य, विकर्म
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गीता के अनुसार मन, वाणी तथा शरीर से की गयी सभी प्रकार की क्रियाऍं कर्म हैं.कर्म के पांच तत्त्व होते हैं—कर्ताकार्य का स्थानसाधनप्रयत्नभाग्य.Labels: कर्ता, कर्म, कार्य, क्रिया, गीता, तत्त्व, प्रयत्न, भाग्य, मन, वाणी, शरीर, साधन
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Sahitya Sewa Sadan, Rae Bareli Open this Placemark
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