कर्म और क्रिया में कोई भेद नहीं है. प्रत्येक क्रिया की प्रतिक्रिया होती है, यह विज्ञान भी मानता है. प्रतिक्रिया समान बल की विपरीत दिशा में होती है. कर्म का सिद्धान्त कहता है कि मन और वाणी की क्रिया की भी प्रतिक्रिया होती है. यदि आप वाणी का प्रयोग कर किसी को गाली देंगे तो हो सकता है वह आपको मारने दौड़े. मन में पाप आने पर मन आपको पाप कर्म की ओर ढकेल देगा. शारीरिक क्रिया होते ही विज्ञान का नियम लागू हो जायेगा. मन और वाणी की क्रिया को विज्ञान मापने में समर्थ नहीं है.




