कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQ on HINDUISM)
मन की शुद्धता के लिए आवश्यक कर्म विकर्म कहलाते हैं जैसे इच्छा, आसक्ति और क्रोध पर नियन्त्रण रखना आदि.Labels: आसक्ति, इच्छा, कर्म, क्रोध, गीता, मन, विकर्म
Labels: आसक्ति, इच्छा, कर्म, क्रोध, गीता, मन, विकर्म
गीता के अनुसार मन, वाणी तथा शरीर से की गयी सभी प्रकार की क्रियाऍं कर्म हैं.कर्म के पांच तत्त्व होते हैं—कर्ताकार्य का स्थानसाधनप्रयत्नभाग्य.Labels: कर्ता, कर्म, कार्य, क्रिया, गीता, तत्त्व, प्रयत्न, भाग्य, मन, वाणी, शरीर, साधन
Labels: कर्ता, कर्म, कार्य, क्रिया, गीता, तत्त्व, प्रयत्न, भाग्य, मन, वाणी, शरीर, साधन
View my complete profile
Subscribe toPosts [Atom]
Sahitya Sewa Sadan, Rae Bareli Open this Placemark
© 2007 vishwahindusamaj.com