अन्धविश्वासी के मन में पुराण कोई भ्रम नहीं उत्पन्न करते, तर्कशील के मन में पुराण संशय या भ्रम उत्पन्न करते हैं किन्तु ज्ञानी जन पुराणों से काम की बातें मक्खन की तरह निकाल लेते हैं. Labels: अन्धविश्वास, ज्ञानी, तर्कशील, पुराण, भ्रम
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