कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न (FAQ on HINDUISM)
धर्म पुण्य का और अधर्म पाप का बोध कराता है. धर्म से सुख की तथा अधर्म से दु:ख की प्राप्ति होती है.Labels: अधर्म, दु:ख, धर्म, पाप, पुण्य, सुख
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दु:ख-निरोध हो जाने पर निर्वाण प्राप्त होता है. पुनर्जन्म से मुक्ति मिलने को मोक्ष कहते हैं. मोक्ष का अर्थ है ब्रह्मानुभूति.Labels: दु:ख, निर्वाण, पुनर्जन्म, ब्रह्मानुभूति, मुक्ति, मोक्ष
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बाह्य अलौकिक कारण से उत्पन्न दु:ख आधिदैविक कहलाता है. जैसे भूकम्प, बाढ़, सूखा आदि के कारण उत्पन्न दु:ख.Labels: अलौकिक, आधिदैविक, दु:ख
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बाह्य भौतिक पदार्थ के कारण उत्पन्न दु:ख आधिभौतिक है. जैसे बिच्छू का डंक, सर्प दंश, चोट आदि.Labels: आधिभौतिक, दु:ख, पदार्थ, भौतिक
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संस्कृत में आत्मा शब्द देह के लिए भी प्रयुक्त होता है. उसी अर्थ में जीव के शरीर या मन आदि से उत्पन्न दु:ख आध्यात्मिक कहलाता है. जैसे क्षुधा, क्रोध, रोग, मानसिक संताप आदि.Labels: आत्मा, आध्यात्मिक, क्रोध, क्षुधा, जीव, दु:ख, मन, मानसिक, शरीर, संताप
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तीन प्रकार के दु:ख हैं :- आध्यात्मिक, आधिभौतिक और आधिदैविक.Labels: आधिदैविक, आधिभौतिक, आध्यात्मिक, दु:ख
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