क्‍या अध्‍यात्‍म और वि‍श्‍व प्रेम में नि‍कट सम्‍बन्‍ध है ?

ब्रह्म के वि‍राट रूप अर्थात् वि‍श्‍व से प्रेम करना ही अध्‍यात्‍म है.

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कर्मकाण्‍ड क्‍या संस्‍कृति‍ का हि‍स्‍सा बन सकता है ?

जो कर्मकाण्‍ड लोगों में प्रेम और वि‍श्‍वास पैदा करने वाला होता है वही संस्‍कृति‍ का हि‍स्‍सा बनता है.

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विश्‍व हिन्‍दू समाज વિશ્‍વ હિન્‍દૂ સમાજ বিশ্‍ব হিন্‍দূ সমাজ ਵਿਸ਼੍‍ਵ ਹਿਨ੍‍ਦੂ ਸਮਾਜ విశ్‍వ హిన్‍దూ సమాజ
வி்‍வ ஹிந்‍ ஸமாஜ വിശ്‍വ ഹിന്‍ദൂ സമാജ ଵିଶ୍‍ଵ ହିନ୍‍ଦୂ ସମାଜ ඵබඵ ඹඨඦෂ මථග ವಿಶ್‍ವ ಹಿನ್‍ದೂ ಸಮಾಜ
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