भौतिकवादी की पहुँच ब्रह्म के शरीर या विश्व के भौतिक पदार्थों में निहित आनन्द तक सीमित होती है. अध्यात्मवादी की पहुँच ब्रह्म के मन तक होती है और वह इन्द्रिय-विषयों से भिन्न आनन्द प्राप्त कर लेता है. Labels: अध्यात्मवादी, आनन्द, इन्द्रियाँ, ब्रह्म, भौतिकवादी, विश्व, विषय




